November 29, 2021

मन की डोरी Mann Ki Dori Hindi Lyrics – Gunjan Saxena

मन की डोरी Mann Ki Dori Hindi Lyrics – Gunjan Saxena






मन की डोरी Mann Ki Dori Hindi Lyrics – Gunjan Saxena

जिस पल से दखा है तुझको
मन ये पगल गया रे
पीछे पीछे देखो
तेरे हद्द से निकल गया रे

हो जिस पल से दखा है तुझको
मन ये पगल गया रे
पीछे पीछे देखो
तेरे हद्द से निकल गया रे

तू जहाँ वहाँ लेके जाए
ये राहें मोरी
की तुझ संग बांधी
की तुझ संग बांधी
की तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी

की तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी
की तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी
रे रे रे
तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी

हो दाँतों से काटे
हाथों से खिंचे
डोर ये तेरी मेरी
तोड़े ना टूटे

हो धूप के दिन हो या
सर्दी की राते
डोर ये तेरी मेरी
छोड़े ना छूटे

तू जहाँ वहाँ लेके जाए
ये राहें मोरी
की तुझ संग बांधी
की तुझ संग बांधी
की तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी

की तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी
की तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी
रे रे रे..
तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी

की तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी
की तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी
रे रे रे..
की तुझ संग बांधी
ये मन की डोरी
हे हे हे..



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