कंकड़ Kankad Hindi Lyrics – Shubh Mangal Savdhan

कंकड़ Kankad Hindi Lyrics – Shubh Mangal Savdhan








कंकड़ Kankad Hindi Lyrics – Shubh Mangal Savdhan

हरियाली हमरी फैंसी
बनना बेढंगा कैसे होवे लोका चक्का फिट
हरियाली हमरी लाडो फैंसी
बनना बेढंगा गाडी इंग्लिश इंजन धक्का फिट

दुनिया जो दिल पे
बन्दूक भी रख दे
फिर भी लूं जीत

ओ कंकड़ भी कभी तो
आ नहीं सकता तेरे मेरे बीच

तू जो रहेगी तो
साथ देगी तो
रिश्ते निभा लूँगा मैं
किश्ते चूका दूंगा मैं
छोटे हैं बजट में ख्वाब
मंगर अनमोल मेरी प्रीत
ओ कंकड़ भी कभी कोई
आ नहीं सकता तेरे मेरे बीच

ओ..

मेरे लिए तू राम ना राँझा
उतना बहुत है जितना साँझा

हो छोटे बड़े सब तेरे
सपने हैं मेरे अब
मेरे वाले सपने तो
सच में हैं मेरे अब

तू जो रहेगी तो
साथ देगी तो
रब से क्या मांगूंगी मैं
सब कुछ तो पा लुंगी मैं

दिल ये कभी जो लडखडाये मैं
थाम लेना प्लीज

कंकड़ भी कभी कोई आ नहीं सकता
तेरे मेरे बीच

कंकड़ भी कभी कोई आ नहीं सकता
तेरे मेरे बीच

हरियाली हमरी लाडो फैंसी
बनना बेढंगा कैसे होवे लोका चक्का फिट
हरियाली हमरी लाडो फैंसी
बनना बेढंगा गाडी इंग्लिश इंजन धक्का फिट



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